* कारोबार में लाभ और नौकरी में प्रमोशन दिलाती हैं।
सामग्री तैयार करें: मिट्टी का पात्र (जिसमें जौ उगाने के लिए मिट्टी भरी हो)
पूर्ण विधि के अनुसार शुभ मुहूर्त में कलश को स्थापित करें।
यह समय साधक को आध्यात्मिक शक्ति और आत्मविश्वास प्रदान करता है।
लगा दें इसे, मिटेगा कष्ट-क्लेश, आएगी बरकत!
विश्वविद्यालय फर्जी मार्कशीट बांट रहा था.
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ॐ नमो काली कंकाली महाकाली मुख सुन्दर जिह्वा वाली,
* शनि-राहु की महादशा या अंतरदशा, शनि की साढ़े साती, शनि का ढइया आदि सभी से काली रक्षा करती हैं।
मंत्र साधना: साधक अपनी साधना के अनुसार गुरु से प्राप्त मंत्रों का जाप कर सकते हैं।
गुप्त नवरात्रि पर्व के दिनों में सुबह जल्द उठकर दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर स्नान करने के बाद स्वच्छ कपड़े पहनें।
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पूजा आरंभ करें: दीपक जलाकर देवी का आवाहन करें।
यह समय साधक को आत्म-चिंतन और आत्म-साक्षात्कार का अवसर देता है। ध्यान और तपस्या के माध्यम से व्यक्ति अपनी आध्यात्मिक उन्नति कर सकता है।